अंधेरे रोशनी के'' मोहसिना अख़्तर की दूसरी प्रकाशित किताब है जिसमें छोटी-छोटी कहानियों का संग्रह किया गया है। इन कहानियों के माध्यम से लेखिका ने अपनी ज़मीन अपने देश को छोड़कर विदेशी महानगरों में जाकर जीविका अर्जित करने वाले पात्रों की आन्तरिक पीड़ा को उकेरने का प्रयास किया है।