आजकल दुनिया में क्रोध द्वेष आक्रामकता व हिंसात्मक व्यवहार आदि उस बिंदु पर आ पहुँचे हैं जहाँ वे आधुनिक समाज की प्रकृति के लिए खतरा बन गए हैं। क्रोध प्रबंधन को हम इसका तत्काल समाधान कह सकते हैं। अपने साथ क्रोध- प्रबंधन के प्रभावी उपाय लाने वाली यह पुस्तक बेहतरी के लिए समय में बदलाव लाने की क्षमता रखती है। इस पुस्तक की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं • क्रोध रचना व इसके विनाशक प्रभावों सहित क्रोध के भ्रामक भाव की सरलव्याख्या। व्यक्ति परिवार विद्यालय व कार्यस्थलों के लिए विस्तृत क्रोध-प्रबंधन तकनीकें। जहाँ दीर्घकालीन क्रोध व अप्रसन्नता के कारण नकारात्मक भाव मानव को बदल देते हैं वहाँ क्रोध को वश में करने के प्रभावी उपायः बुरे प्रेम संबंध विवाहपूर्व मिलने के दौरान हिंसा बलात्कार मादक पदार्थों का सेवन ड्राईविंग आक्रामकता लूट जुआ आत्महत्या की प्रवृत्ति सनसनीखेज घटनाओं की चाह व अन्य आवेगों को नियंत्रित करने के प्रभावकारी उपाय। क्रोध-प्रबंधन के AtoZ उपाय। गंभीर क्रोध समस्याओं के लिए उपचारक मध्यस्थता द्वारा नकारात्मक विचारों वभावनाओं को नया रूप कैसे दिया जाए। यह पुस्तक क्रोध प्रबंधन के प्रभावी उपाय देती है। इसकी रोचक व सरल सामग्री तथा चित्रों ने इसे व्यवसायिक एवं अव्यवसायिक दोनों के लिए ही उपयोगी बना दिया है। डॉक्टर मनोवैज्ञानिक व सलाहकार आदि भी मरीज को इस पुस्तक को पढ़ने का परामर्श दे सकते हैं। स्वाति वाई. भावे नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल की विजिटिंग सलाहकार हैं तथा अंतर्राष्ट्रीय रूप से ख्याति प्राप्त बाल तथा किशोर विशेषज्ञा हैं। वे एसोसिएशन ऑफ एडलोसेंट एंड चाइल्ड केयर इन इंडिया (AACCI) की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। उन्होंने अनेक मेडीकल पुस्तकें लिखी हैं। किशारे स्वास्थ्य से जुड़ी ये पुस्तकें व्यवसायी माता-पिता व समुदाय सभी के लिए उपयोगी बन पड़ी हैं। सुनील सैनी हरियाणा हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनीवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलजी के अप्लाइड साइकॉलोजी विभाग में रिसर्च एसोशिएट हैं। उन्होंने किशोरों में क्रोध व आक्रामकता संबंधी समस्याओं पर विस्तृत रूप से शोध कार्य किया है। इन दिनों वे 'इंडियन साइकॉलोसिस्ट' नामक पत्रिका के एसोशिएट एक्जीक्यूटिव एडीटर हैं।