इस किताब के लेखक बृजेश यदुवंशी की ये चौथी किताब है इससे पहले उन्होंने ‘पंजीरी’ ‘बेफिक्रियाँ’ और ‘मयखाना’ नाम की तीन किताबें लिखी हैं। साथ ही ‘मोर नयनवा’ नाम से गाना भी लिखा है। बृजेश सोनभद्र के रेनूकूट शहर में रहते हैं और शेर लिखना शौकिया तौर पर करते हैं।