जीवन के अद्भुत अनुभवकुछ खट्टे कुछ मीठेपल भर अहसास हो जानासपनों का और अपनों काकभी ऐसा लगना वह पास ही है....कभी सपनों का साकार होनापल भर में प्रियतम का संग होनाराजाओं का राजा संग करके अपने रानी का अहसास करानाऐसा मेरा साँवरियांजमीं से आसमां तक ले जानाफर्श से अर्श तक उठानाऐसा मेरा प्रियतम मै उसकी प्रियतमा...दूर होकर भी पास स्पर्श का अहसास करानासमर्पण का भाव करानामालिक से विदा लेना जैसे कि श्वासों का शरीर से अलग होना...प्रकृति का पुरुष से मिलन जैसे कि सम्पूर्ण मिलन...सहारा प्रथम और अंतिमयहीं हमें समझाया उस प्यारे प्रियतम ने..मै बलिहारी उस सावंरियां कीजन्मों - जन्मातर की मिलन की प्यासी मै शीमा उस साँवरियां की