अपनी बातप्रिय पाठकोकरबद्ध नमस्कार मेरा दूसरा काव्य संग्रह आप सभी के समक्ष प्रस्तुत है मेरे पहले काव्य संग्रह हृदय के उद्गार के अनुरूप मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप इसे भी पसंद करेगे। इस काव्य संग्रह मे विभिन्न विभिन्न पहलूओ को स्पर्श करने की कोशिश की है जिसमे कविताए भक्ति रस हास्य व्यंग्य और गीत सम्मलित है। ये जीवन के हर पहलू की अनुभूति को स्पर्श करते नजर आयेंगे। इस काव्य संग्रह का नाम अनुभूति स्पर्श की है जो कि आपको अपनी अनुभूतियो जैसा प्रतित होगा। मैं साथ ही साथ अपनी संस्कृति संस्कार और समाज का आभारी हूँ जहा से मुझे लिखने की प्रेरणा मिलती है। मैं नारी के चारो रूपो (मां बहन पत्नि और बेटी) का भी आभारी हूँ जिनसे मुझे लिखने का किसी ना किसी रूप मे प्रोत्साहन प्राप्त होता है और मैं हृदय से आभारी हूँ अपने मित्रो का जो समय समय पर मेरा मार्गदर्शन और प्रेरित करते है लिखने के लिए।अनुभूति हर चीज की होती अनुभूति विश्वास की।अनुभूति तो अनुभूति है होती अनुभूति स्पर्श की।।मैं एक सैनिक होने के नाते आप से प्रार्थना करूंगा कि मेरी तृटियो को नजरअंदाज करे और मेरे भावो को समझकर मेरा मार्गदर्शन करे।सहृदय धन्यवादआपका शुभचिन्तकललित कुमार शर्मा