प्रस्तुत कथाकृति की कथावस्तु बाजार सीता राम के दो परिवार की कहानी है जिसमें एक हिन्दू परिवार है दूसरा मुस्लिम परिवार है. दोनों परिवार एक दूसरे के सुख दुःख के साझीदार हैं. स्त्री विमर्श में नारी स्वतंत्रता तथा अधिकार पर संवाद के जरिए लेखक ने अपनी बात रखी है. तीन तलाक और हलाला जैसी कुप्रथा के विरुद्ध खड़ी मुस्लिम महिला के साथ लेखक खड़ा रहता है. कथाकृति का मुख्य पात्र पेशे से पत्रकार व कवि है. इस पात्र के माध्यम से कॉफी हॉउस में आने वाले साहित्यकारों की गतिविधि पर भी लेखक ने नजर दौड़ाई है. उपन्यास का रोचक कथा विन्यास चुस्त भाषा शैली पाठकों को अंत तक बांधे रहता है.