यह उपन्यास महाराणा प्रताप के जीवन पर आधारित है। उनके साहस धैर्य वीरता और स्वातंत्र्य-प्रेम की स्तुति भारतीय जन-मानस पिछले साढ़े चार सौ वर्षों से करता आया है। किंतु सत्तावन वर्ष के जीवन-काल वाले राणा प्रताप से आम जनमानस का परिचय कुछ गिनी-चुनी घटनाओं जैसे हल्दीघाटी का युद्ध और अरावली की कुछ जन-श्रुतियों तक ही सीमित है। लोगों को यह तक ज्ञात नहीं है कि उनका जन्म कहाँ हुआ था कहाँ लालन-पालन हुआ कहाँ राजतिलक हुआ कहाँ उनकी राजधानी रही और कहाँ उनका देहावसान हुआ। इस उपन्यास में राणा प्रताप के सम्पूर्ण जीवन और व्यक्तित्व को दर्शाया गया है। उनके जीवन के अनेक नए रोचक तथ्य अवश्य ही चमत्कृत और रोमांचित करने वाले हैं। About the Author प्रताप नारायण सिंह जन्म: 20 जुलाई 1971 उत्तर प्रदेश (भारत)। प्रकाशित कृतियाँ: सीताः एक नारी (खंडकाव्य) बस इतना ही करना (काव्य-संग्रह) राम रचि राखा (कहानी-संग्रह)। पुरस्कार: सीता: एक नारी के लिये हिंदी संस्थान उत्तर प्रदेश द्वारा “जयशंकर प्रसाद पुरस्कार। संपर्क: 1406-A गौर वैलेरिओ अहिंसा खंड-2 इंदिरापुरम गाजियाबाद उत्तर प्रदेश पिनकोड-201014 फोन- 9810370718 7355786081.
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