भारत की बेटी (अरूनिमा सिन्हा) के बारे में सम्पूर्णा नन्द जी ने कविता के माध्यम से बहुत ही मर्मस्पर्शी ढंग से लिखने का सफल प्रयास किया है। (Because Arunima under my guidance and full support of Tata Steel Adventure Foundation was able to climb Mt Everest) उसने अपंग होने के सारे तथ्यों को झुठलाते हुए अत्यन्त कठिन साहस का जो परिचय दिया वह काफी दुर्लभ है। जिन परिस्थितियों में साधारण इंसान हार मान जाता है ऐसे कठिन समय में भी उसने साहस का पुरजोर परिचय दिया अन्ततः उसने एवरेस्ट पर विजय पा ही ली। सम्पूर्णा नन्द जी ने अरूनिमा सिन्हा के जीवन वृYा सहित उन घटनाओं का जो चित्रण किया है उसके लिए मैं भरे हृदय से उन्हें धन्यवाद देती हूं। यह पुस्तक निश्चय रूप से भारत की बेटियों को ही नहीं बेटों को भी प्रगति के पथ पर निरन्तर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देगी साथ ही साथ यह मेरी कामना है कि सम्पूर्णा नन्द जी की लेखनी इसी तरह से सतत् चलती रहे और समाज को एक नई दिशा देने में अपनी भूमिका निभाये। सधन्यवाद लेखक/कवि को कोटिशः बधाई। बच्छेन्द्र्री पाल