हम दिल से प्यार करते है दिमाग से overthink करते है और social media से compare करते है और इसी triangle में सबसे ज़्यादा दिल टूटते हैं ।ये किताब बताती है…क्यों कुछ लोग सब कुछ देने के बाद भी “not enough” महसूस कराते हैं क्यों प्यार और lust का confusion सबसे बड़ा heartbreak बन जाता है क्यों parents और partner के बीच balance करना इतना exhausting है क्यों self-love सबसे toxic रिश्ता भी हो सकता है अगर तुम खुद से दूर हो जाओ।Welcome.This book is your sign.This book is your closure.This book is your reminder that…मोहब्बत का कोई हिसाब नहीं होताकभी अधूरी हो कर भी पूरी हो जाती हैऔर कभी पूरी हो कर भी अधूरी रह जाती है।