यह पुस्तक औरत के हर तरह के दुखों का एक निराला दस्तावेज़ है। इस पुस्तक में अमृता प्रीतम ने कोख के अंधकार से लेकर कब्र के अंधकार तक नारी के अंधकारमय जीवन का मर्मभेदी चित्रण प्रस्तुत किया है। औरत का चित्रण एक बैरंग खत की तरह इस उपन्यास में किया गया है। पुरुष एवं नारी के संबंधों को लेकर एक ऐसा उपन्यास जो सालों से बेस्टसेलर बना हुआ है।