बचपन प्रेरणा और शिखर (मेघ काव्य) एक काव्य संग्रह है। नाम से ही विदित होता है कि इस काव्य संग्रह में बचपन की खट्टी मीठी यादें ईश्वर मां पिता भाई बहन पति पत्नी अध्यापक मित्र दुश्मनआम आदमी व प्रकृति संबंधित कविताएं प्रेरणास्पद काव्य और ठोकर खाकर शिखर तक पहुंचने को काव्य रूप में संग्रहित किया है। काव्य के शब्द पाठकों के दिल को छू लेने वाले हैं। अनायास ही यादों को याद कर आंखों से अश्रु धारा बह चलती है। घटनाएं इस प्रकार की है कि जो हर व्यक्ति आयु वर्ग से संबंधित है। हिंदी शब्दों के साथ कुछ अंग्रेजी और उर्दू शब्दो का समावेशन है।इस काव्य संग्रह में लंबी व छोटी कविताओं को पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। धन्यवाद ! - मेघा मिटावा