विद्यालयों में प्रतिवर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन अवसरों पर बच्चे नाटकों का भी अभिनय करते हैं। तब बच्चों की भाषा में लिखे गए सरल नाटकों की खोज होती है।<br>ये हास्य नाटक विशेष रूप से विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को ध्यान में रखकर लिखे गए हैं। ये सरल भी हैं और मनोरंजक भी।<br>मंच पर इनका अभिनय किया जा सके इसी उद्देश्य से प्रस्तुत हैं बच्चों के ये हास्य नाटक।