जातक कथाएं बुद्ध के पूर्वजन्मों की कथाएँ हैं। बौद्ध धर्म में यह विश्वास प्रचलित है कि भगवान बुद्ध के जन्म होने से पहले भी उनका पिछले कई जनमों में बोधिसत्व के रूप में जन्म हुआ। और यह आवश्यक नहीं कि बोधिसत्व के रूप में उनका जन्म मनुष्य के रूप में ही हो। वे कभी मनुष्य के रूप में जनमे तो कभी किसी दयालु और भले मृग के रूप में। कभी परोपकारी बैल तो कभी किसी ज्ञानी शूकर के रूप में। पर चाहे जिस रूप में भी उनका जन्म हुआ हो उनमें औरों से अलग हटकर कोई न कोई ऐसा गुण जरूर था जिससे दूसरों को प्रेरणा मिली। सुख और शांति मिली। डॉ. सुनीता ने इन जातक कथाओं का बहुत रोचक ढंग से प्रस्तुत किया है। बच्चे ही नहीं बड़े भी इनका आनंद ले सकते हैं।