बादलों के पार एक लड़की (मिनी) की कहानी है जो एक संवेदनशील और शांत बच्ची है। इसकी पृष्ठभूमि 1980- 90 की है। मिनी शहर के पुराने मोहल्ले में रहती है। वह एक छोटे स्कूल में पढ़ती है और क्लास में हमेशा अव्वल आती है। उसका एडमिशन बड़े स्कूल में होता है जहाँ अमीर घरों के बच्चे पढ़ने आते हैं। मिनी को वहाँ तालमेल बिठाने में काफी संघर्ष करना पड़ता है। वो पढ़ाई में पिछड़ जाती है और अपना आत्मविश्वास खो देती है। अपनी खोई पहचान और विश्वास को पाने की यात्रा में मिनी को जो अनुभव होते हैं जो नए साथी उसे मिलते हैं ये कहानी उसी पर आधारित है।