पंकज के. सिंह भारत के उन प्रतिष्ठित लेखकों एवं विचारकों में शुमार हैं जिन्होंने राष्ट्रीय महत्त्व से जुड़े अनेक महत्त्वपूर्ण विषयों पर शोधपूर्ण मौलिक लेखन किया है। इनकी लिखित पुस्तकें ‘स्वच्छ भारत समृद्ध भारत’ ‘भारतीय विदेश नीति’ ‘ये हैं तो हम हैं’ ‘पर्यावरण बचाएं-जागें और जगाएं’ तथा ‘बदलो आदतें बदलेगा देश’ बेहद लोकप्रिय रही हैं। सामाजिक समरसता के विषय पर आधारित इनकी पुस्तक ‘पाखंडमुक्त भारत’ संपूर्ण भारत में चर्चा और विमर्श का केंद्र रही है। पंकज के. सिंह की कृति ‘समर्थ भारत’ संपूर्ण भारत में विद्यार्थियों और नीति निर्धारकों में बेहद लोकप्रिय रही है। ‘समर्थ भारत’ पुस्तक में भारत को वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का एक विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। पंकज के. सिंह की पुस्तक ‘जैसी शिक्षा वैसा देश’ पूरे देश में चर्चा का विषय रही है। लेखक ने ‘हम हैं सब संसार’ नामक ग्रंथ के माध्यम से भारतीय अध्यात्म दर्शन तथा ब्रह्मविद्या विहंगम योग को पहली बार संपूर्ण विश्व के समक्ष समग्र रूप से प्रस्तुत किया है। अनेक समाचार पत्रों सोशल मीडिया तथा समाचार चैनलों में इन पुस्तकों की निरंतर सराहना और चर्चा होती रही है।