कहानी संग्रह “बर्फ का ज्वालामुखी” के सम्बन्ध में प्रेमचंद परम्परा के देश के अग्रणी साहित्यकार श्री एस.आर.हरनोट के विचार रमेश कपूर कहानी लेखन और अनुवाद के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान रखने वाले हस्ताक्षर हैं| उन्होंने कई महत्वपूर्ण पुस्तकों के अनुवाद किये हैं| कहानी-संग्रह “बर्फ का ज्वालामुखी” बेशक उनका प्रथम कहानी-संग्रह है लेकिन इसमें संग्रहित कहानियाँ देश की श्रेष्ठ साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित होकर पाठकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रही हैं| वर्तमान समय मनुष्य की अमानुषिक प्रवृत्तियों क्रूरताओं और नृशंस कृत्यों का समय है और ऐसे समय में एक रचनाकार के सामने कई गम्भीर चुनौतियाँ आ खड़ी होती हैं| रमेश कपूर ने अपनी कहानियों में इन्हीं क्रूर सच्चाइयों को बहुत ईमानदारी के साथ रेखांकित किया है जो बहुत से सामाजिक संदर्भों विमर्षों और गहरी मानवीय संवेदनाओं के साथ पाठकों के समक्ष प्रस्तुत हैं| विश्वास है कि लेखक को पाठकों का भरपूर स्नेह प्राप्त होगा|