कथेतर साहित्य में निबंध यात्रा संस्मरण रेखाचित्र और विविध विधाओं को पढ़ा जाता है। यहाँ निबंधात्मक शैली में संस्मरण रेखाचित्र व व्यंग्य शैलियों का प्रयोग करते हुए लिखा गया है। विचारों के साथ-साथ विषय के तह तक जाने का जरूरी प्रयास किया गया। ये सारे प्रयास मात्र शाब्दिक न हो इसका विशेष ध्यान रखा गया। समाज को लेकर बातें बहुत हो जाती हैं परंतु नए आयाम बनें ऐसे प्रयास कम होते जा रहे हैं। कथेतर का उद्देश्य बौद्धिक विकास में योगदान होता रहे इसलिए लिखा जाता है।