Bayar ke Rang Hajar

About The Book

: बयार के रंग हजार कवि की पहली रचना है | यथा नाम तथा गुण के अनुरूप ही इस कविता संग्रह में कवि के बचपन से लेकर अब तक के जिये जीवन के हर भाव हर रंग का समावेश है | प्रकृति प्रेम को दर्शाती प्रकृति उपवन पन्खुडी आदि कवितायें हैं प्रत्येक पुरुष के जीवन का अभिन्न अंग ''पत्नी'' को समर्पित कविता भार्या नारी के प्रति अनन्य सम्मान तथा दुरवस्था को दर्शाती ''नारी तेरे कितने रूप मछलियाँ'' शीर्षक से आपको समर्पित है। शेरो शायरी अपना गाँव तथा वर्तमान ह्रदय विदारक घटनाओ को देखने का जन सामान्य का नजरिया भी है | सनातनी आस्था को समर्पित पुकार दानव दलन आदि कवितायें है तो नई विधा वाली भी कवितायें हैं। बचपन है तो हास्य व्यंग्य को समर्पित ''उपाय'' व विकास एवं बारूद भी है |
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