“बेबस बेटियां कलंकिनी बहू” गद्य संग्रह आपकी कृतियां अवश्य है पर शिक्षा काल से ही आप अपने एहसासों को शब्दों में पिरोने की कोशिश करती रही हैं आपने यह कहावत चरित्रार्थ की है कि साहित्य के प्रति आपकी आगाध निष्ठा वंदनीय है अपने निसंदेश साहित्य को एक नया आयाम देंगे और काव्य के क्षेत्र में अनेक उपलब्धियां प्राप्त होगी यह मेरा पूर्ण विश्वास है कि नव चेतना भर नव सृजन को अविरल प्रवाहित करेंगी मेरी अनंत शुभकामनाएं हमेशा आपके साथ रहेगी।