हर लेखक का अपना एक संसार होता है और अपनी नज़र से ही वह उसको देखता है; नहीं तो चांद सभी के लिए एक जैसा ही है सूरज भी एक जैसा ही है। वही हवा पानी मिट्टी और मौसम हर एक लेखक और कवि को मिलता है परंतु हर एक रचनाकार अपने अनुभव में चांद को लेकर उसे अपनी रचना में ढाल लेता है और यही उसकी मौलिकता बनती है। इस तरह से हर लेखक कवि के लिए चांद ''पर्सनल '' हो जाता है ।
Piracy-free
Assured Quality
Secure Transactions
Delivery Options
Please enter pincode to check delivery time.
*COD & Shipping Charges may apply on certain items.