भाव श्रृंखला (काव्य-संग्रह) में कवि अपने समग्र भाव अभिव्यक्ति का प्रसार किया हुआ हैं जो साहित्य यज्ञ कुण्ड में अपना सम्पूर्ण समिधा सार समर्पित कर दिया हैं।आध्यात्मिक धरातल से जुड़ाव की प्रवणता समाहित हैं तो वहीं दूसरी ओर समाज के अभिकल्पन में अपना योगदान दिया हुआ हैं।प्रेम पल्लवन में करुणा का प्रवाह हैं तो देश भक्ति से समाहित काव्य भाव बिखरे हैं वहीं दूसरे पक्ष में प्रकृति और ग्राम चित्रण सुशोभित किया हुआ हैं।