भक्ति के विविध स्वरूपों का वर्णन भागवत रामायण महाभारत और उसी के अंतर्गत गीता में भी बार बार कई प्रकार से बताया गया है | इस विषय पर गहन चर्चाएँ भी कई शास्त्रों पुराण और आगम में होते आ रहे हैं; सिर्फ़ इतना ही नहीं इस विषय को समझने के लिए रूपक आदि का भी समय समय पर सहारा लिया जा चुका है |