‘भक्ति योग’ - स्वामी विवेकानंद के व्याख्यानों पर आधारित है। इन्होनें दुनिया को एक राष्ट्र के रूप में भारत की एकता की सच्ची नींव के राज का खुलासा किया है। उन्होंने यह सिखाया है कि - भारत जो कि विशाल विविधता वाले देश है। इसको कैसे मानवता और भाईचारे की भावना से एक साथ बांधाकर रखा जा सकता है। विवेकानंद ने पश्चिमी संस्कृति की कमियों को उजागर कर और उन पर काबू कर पाने में भारत के योगदान के बिंदुओं पर जोर दिया है। उन्होंने शेष विश्व से भारत के सांस्कृतिक अलगाव को समाप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।‘भक्ति योग’ भगवान के लिए एक वास्तविक खोज है जिसकी शुरुआत और अंत प्रेम पर होता है। इस किताब में ईश्वर के प्रति अत्यधिक प्रेम के पागलपन का एक क्षण हमें शाश्वत मुक्ति प्रदान करता है इस पर जोर दिया गया है। जब मनुष्य इस वास्तविक प्रेम को प्राप्त कर लेता है तो वह सबसे प्रेम करता है किसी से घृणा नहीं करता और हमेशा के लिए संतुष्ट हो जाता है।