भारत के अमर क्रान्तिकारी चन्द्रशेखर आजाद भारतीय क्रान्तिकारी आन्दोलन की एक अनुपम और अद्वितीय विभूति हैं। एक अभावग्रस्त परिवार में जन्म लेकर भी उन्होंने अपने व्यक्तिगत हितों को सदा तुच्छ । समझा और मातृभूमि की स्वाधीनता को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। वह संस्कृत का अध्ययन करने हेतु बनारस गए किन्तु किशोरावस्था में ही स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े। यहीं से उनका क्रान्तिकारी जीवन प्रारम्भ हुआ। उनकी दृढ़ मान्यता थी कि जीवन की सुख-सुविधाएं तथा क्रान्ति दोनों के मार्ग सर्वथा भिन्न हैं। विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने चरित्रबल को नहीं डिगने दिया।<br>काकोरी ट्रेन डकैती तथा साण्डर्स हत्याकांड में अंग्रेजी सरकार की पुलिस लाख प्रयत्न करने पर भी उन्हें पकड़ने में असमर्थ रही; और अन्त में पुलिस संघर्ष में वीरगति प्राप्त कर उन्होंने अपने आज़ाद नाम को सार्थक कर दिखाया।<br>भारत राष्ट्र के निर्माण में आज़ाद की भूमिका विश्व के स्वतन्त्रता प्रेमियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।