स्वतन्त्र भारत के निर्माण के लिए भारत माता के जिन सपूतों ने अपना जीवन न्योछावर कर दिया उन्हीं महान सपूतों में गोपालकृष्ण गोखले का नाम स्वर्णाक्षरों में लिखे जाने योग्य है। वे ''महान देशभक्त अहिंसा के पुजारी और साम्प्रदायिक एकता के प्रबल समर्थक थे। वे सभी धर्मों का सम्मान करते थे। वे भारत मां की आजादी के लिए जीवन-पर्यन्त संघर्ष करते रहे और देश की आजादी के लिए उन्होंने विरोधों का सामना करते हुए अनेकों प्रकार के कष्ट सहन किए परंतु अपने मार्ग से विचलित न हुए। इस पुस्तक में आजादी के लिए समर्पित गोपालकृष्ण गोखले का पूरा विवरण प्रस्तुत है।