भारतीय संविधान में राष्ट्रपति की भूमिका बहुत ही महत्त्वूपर्ण होती है। राष्ट्रपति ही देश का प्रथम नागरिक होता है। राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं सेना के तीनों अंगों (जल सेना थल सेना एवं वायु सेना) के सेनाध्यक्षों की नियुक्ति होती है। राष्ट्रपति के पास अनेक अधिकार होते हैं। उनमें से एक जो सबसे शक्तिशाली है-देश या राज्य में कानून-व्यवस्था ठीक न होने की स्थिति में वह संसद या विधानसभा को भंग कर राष्ट्रपति शासन लगा सकता है।<br>26 जनवरी 1950 को जब भारत स्वतंत्र गणतंत्र के रूप में स्थापित हुआ ‘राजेन्द्र प्रसाद' को सर्व सहमति से भारत का प्रथम राष्ट्रपति चुना गया। राष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों (लोक सभा एवं राज्य सभा) तथा विधान सभाओं के सदस्यों द्वारा किया जाता है। मंत्रिमंडल द्वारा पारित किसी भी प्रस्ताव पर राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यक होती है राष्ट्रपति चाहे तो किसी भी प्रस्ताव को लंबे समय तक टाल सकता है। भारत के राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि वह किसी फांसी की सजा पाए अपराधी को माफ कर सकता है।<br>इस पुस्तक में भारत के सभी राष्ट्रपतियों के बारे में बहुत ही सुरुचिपूर्ण । एवं सरल भाषा में महत्त्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करायी गई हैं।