‘‘भारत में देशज इतिहास एवं पुरातत्त्व: स्रोत एवं इतिहास’’ शीर्षक से अनुवादित यह पुस्तक भारत में पुरातत्त्व नृजातीय अध्ययन झूम खेती व अन्य सभी प्रकार के देशज इतिहास की व्याख्याओं का एक समेकित और मौलिक अध्ययन है। यह पुस्तक भारतीय समाज विज्ञान के लेखन में देशज इतिहास व पुरातत्त्व की नई संभावनाओं को तलासती है। मूल रूप से यह पुस्तक प्राथमिक स्रोत तथा सर्वेक्षण के विवरणों पर आधारित है। यह पुस्तक पुरातत्त्व और देशज इतिहास में रूचि रखने वाले हिन्दी भाषी पाठकों के लिए महत्वपूर्ण व उपयोगी है। पुस्तक में उपाश्रित वर्गीय इतिहास व पुरातात्विक स्रोतों तथा उनकी सम्भावनाओं के सहारे इतिहास लेखन के नये आयामो रणनीतियों पर बात की गई है। इस पुस्तक के बहाने यह जानने का प्रयास किया गया है कि भारत में उपाश्रित प्राचीन इतिहास का प्रारूप क्या हो सकता है?