भरतीय दर्शन और महादेवी वर्मा की कविताएं: छायावादी कवियों में महादेवी जी का विशिष्ट स्थान है। महादेव जी की कविताओं पर भारतीय दर्शन का प्रभाव दिखाना इस पुस्तक का उद्देश्य है। पहले अध्याय में महादेवी जी का व्यक्तित्वरचना एवं हिन्दी साहित्य में महादेवी जी का स्थान लेखिका ने दिखाया है। दूसरे अध्याय में महादेवी जी का रहस्यवाद मानव जीवन पर दर्शन का प्रभाव तथा महादेवी जी के प्रकृति प्रेम पर विचार किया गया है। फिर भारतीय दर्शन का परिचय आस्तिक दर्शन और नास्तिक दर्शन पर विचार किया गया है। चौधे अध्याय में आधुनिक भारतीय दर्शन का परिचय है। पांचवे और छठे अध्याय में महादेवी जी की कविताओं पर आस्तिक दर्शन और नास्तिक दर्शन का प्रभाव पूरे विस्तार से बताया गया है और अंत में महादेवी जी के काव्य भाषा एवं शिल्प पर विचार किया गया है।