भारत रत्न बाबासाहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन और दर्शन पर आधारित यह महाकाव्य 'भीम-गाथा' महाकवि श्री नंदलाल सिंह 'कांतिपति' के साहसिक लेखन की उद्घोषणा है जिसमें अतीत की गलतियों और वर्तमान की चुनौतियों के साथ-साथ ऐतिहासिक सामाजिक और राजनीतिक पहलुओं को बहुत ही सादगी और स्पष्टता के साथ प्रस्तुत किया गया है।राष्ट्रवाद एवं मानवतावाद के पोषक हर व्यक्ति को इस पुस्तक का अध्ययन करना चाहिए।