प्रोफेसर मुज़फ़्फ़र हनफ़ी आधुनिक उर्दू ग़ज़ल के युग प्रवर्तक शायर के अतिरिक्त लेखक एंव आलोचक भी थे उन्होंने उर्दू साहित्य की भिन्न भिन्न शैलीयों में पुस्तकें लिखीं उनकेकुछ लेखों का अनुवाद जो वर्तमान समय में आवश्यक हैं तथा हिंदी पाठकों ओर अखबार के सम्पादकों ओवर राजनेताओं के लिए बहुत अनिवार्य हैं का अनुवाद इ.फ़िरोज़ मुज़फ़्फ़र ने सरल भाषा में करके संपादित किया हे यह किताब हर भारतीय को पढ़नी चाहिए प्रोफेसर मुज़फ़्फ़र हनफ़ी शायर ओर कहानीकार के अतिरिक्त आलोचक ओर वरिष्ठ लेखक भी थे उनके लिखे कुछ लेख जो वर्तमान समय में समाज के लिए बड़े आवश्यक हैं का इंजीनियर फ़िरोज़ मुज़फ़्फ़र ने अनुवाद करके समादित किया है आलोक पुराणिक इस किताब को समय की बड़ी अहम पुस्तक कहते हैं राहत इन्दोरी ने मुज़फ़्फ़र हनफ़ी के लेखन की प्रशंसा करके उनका चित्रण किया है