बी.एच.यू. के वो दिन' चटक कहानियों और कविताओं का संग्रह है जो बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी में पढ़े हुए स्टूडेंट्स के बिताये हुए मजेदार पलों पर आधारित है। ये कहानियां और कवितायेँ स्टूडेंट्स के बी.एच.यू. के उन दिनों को तरोताजा कर देंगी जब वे खुलकर मस्ती और पढाई किया करते थे। हर एक कहानी और कविता आपको यूनिवर्सिटी और आपके स्टूडेंट लाइफ की याद दिलाएगी और आप खो जाएंगे उन मीठी प्यारी यादों में जहाँ प्यार था झगड़े थे दोस्तों की यारी थी गर्लफ्रेंड के लिए मारा मारी थी। इन कहानियों और कविताओं का एक ही मकसद है और वो है इस स्ट्रेस भरी जिंदगी में आपके चेहरे पर मुस्कराहट लाना । ये किताब आपको बी.एच.यू. और बनारस की प्यारी सी दुनिया में सैर कराएगी और आपको अपने बिछड़े हुए पुराने दोस्तों की याद दिलाएगी। ये किताब आपको आपके पुराने एकतरफा प्यार में फिर से खो जाने के लिए मजबूर करेगी। ये किताब आपको फिर से कैंपस में दोस्तों के साथ चाय पीने के लिए बुलाएगी। ये कहानियां और कविताएं ना केवल बी.एच.यू. के स्टूडेंट्स के लिए ही है बल्कि उन तमाम स्टूडेंट्स के लिए उतनी ही मजेदार है जो भारत के किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में पढाई कर चुके है या पढ़ रहे है। ये किताब हिंदुस्तान के सभी लोगों के लिए है जो इस मजेदार जिंदगी के छोटे छोटे पलों में जीना भूलकर एक बहुत बड़े लक्ष्य को पाने में व्यस्त हो चुके हैं। आपके कॉलेज के दिनों की मुस्कराहट और हंसी को वापस लाने की अपनी कोशिश में जरूर कामयाब होगी ये किताब।