विदेशी महान व्यक्तित्वों में महामानव कागवा पी. बी. शेली सीमान्त गांधी रोम्यां रोला इलिया ऐहर्नवर्ग को भी इतिहास के कुछ पन्नों में ही समेटने का प्रयास किया। हिमांशुजी के यह सभी लेख 'दैनिक हिन्दुस्तान' 'नवभारत टाइम्स' 'साप्ताहिक हिन्दुस्तान' आदि पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। आज समय मूल्यांकन का है। आत्मचिंतन का है। इन उपेक्षित महान व्यक्तियों को हमने उचित और सम्मानजनक स्थान दिया क्या ? कितने वर्षों तक इन्हें यों ही तिरस्कृत किया जाएगा? हमें आत्ममंथन तो करना ही होगा।<br>इन्हीं भूले-बिसरे व्यक्तित्वों को समर्पित है यह पुस्तक ।