यह एक दुविधाग्रस्त एवं तनाव की मारी नारी की कहानी है। उसका पति नीलाक्ष पति की प्रेमिका विषा और उसके अनेक मित्र और सबसे बढ़कर उसकी अपनी बेटी तुहिना...ये सब उसके प्रतिद्वंद्वी हैं। परंतु वह संस्कारों में जकड़ी हुई ऐसी नारी है जो संघर्ष की प्रतिमूर्ति है।.