व्यंग्य लेखन मेरे लिए सामाजिक राजनीतिक आर्थिक पारिवारिक जीवन की विसंगतियों विद्रूपताओं पाखंडों व चहुंओर व्याप्त प्रहसनकारी स्थितियों पर अभिव्यक्ति के दबाव की प्रतिक्रिया भर है। जिसे रच कर मुझे हर्ष होता है और तनाव से मुक्ति सी मिलती है।--दिनेश चन्द्र जोशी