मुझे जीवन के उत्तरार्ध में ही चीन की पांच बार यात्र करने का मौका मिला। यह वक्त उस वक्त से अलग है जब चीन ऊपर उठने के लिए पूरा दम लगा रहा था। आज का चीन समृद्ध है इमारतें चमचमाती हैं साम्यवाद दीवारों पर ज्यादा है शासन में तानाशाही ही है। भोजन की अति हो रही है। लोग खुश हैं या खुश होने की कोशिश कर रहे हैं मालूम नहीं लेकिन यह देश इस वक्त चमचमा रहा है। इन पांच यात्रओं में उनके दबे दर्द भी निकलकर आये उनकी मानवीयता भी उतरकर आई चीन विशाल देश है विविधताओं से भरपूर लेकिन इसका इतिहास और वर्तमान बड़ा रुचिकर है। इसीलिए इन पांचों यात्राओं को एक पुस्तक में समेटा है। संभवतया आपको रुचिकर लगे। -रति सक्सेना