प्रस्तुत संग्रह में अलग-अलग विधाओं का फ्यूजन उनकी कहानियों को रोचक पठनीय तो बनाता ही है शैली और रूप पर उनके अधिकार को भी प्रतिबिंबित करता है। आत्मकथात्मकता का आभास देती यह कहानियां यथार्थ और कल्पना के ताने-बाने से बुनी गई हैं।<br>हिमांशु जी कम शब्दों में बहुत कुछ कह देने में विश्वास रखते हैं। उनकी इन कहानियों में करुणा सहानुभूति दया का गहरा भाव उभरता है। कहानियां चरित्रों की समस्याओं के साथ जुड़ती हुई मर्म को छूती हैं और आंखों को नम करती हैं।