संगीत वाला आरोह अवरोह भी है। प्रो- चौहान की कविताएं मनोरंजन के लिए नहीं लिऽी गई हैं बल्कि ये वो माध्यम है जिसमें समाज के मूल्यों का बदलने की ताकत है और आमजन के जीवन को मायने देने परिभाषित करने का दम है। कहना न होगा कि यह कविताएं प्रगतिशील और जनवादी सोच एवं समझ से उपजी कविताएं हैं वरन् उस विचारधारा की सशत्तफ़ अभिव्यत्तिफ़ भी है। प्रो- चौहान अनेक बरसों से जनवादी आंदोलन और मनुष्य के बेहतर जीवन के लिए वैचारिक एवं संगठनात्मक रूप से सक्रिय रहे हैं। यही वजह है कि इनमें मनुष्य के जीवन की बेहतरी से उपजा गहरा विश्वास ह