इस पुस्तक में स्कूल में मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहारों की जैसे कि जन्माष्टमी गुरुपूर्णिमा राष्ट्रीय त्योहारों का महत्व विभिन्न पौराणिक कथाओं और पौराणिक पात्रों के नाट्य रूपांतरण द्वारा बच्चों को दिखाने का प्रयास किया गया है। इसमें मूल्य निर्माण सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। नाटकों के माध्यम से बच्चों को पौराणिक पात्रों से परिचित कराते हुए हिन्दी में स्पष्ट उच्चारण और नए शब्द सिखाने का प्रयास किया गया है। इन एकांकियों को संक्षिप्त रूप में रखा गया है क्योंकि अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को लंबा पाठ याद रखने में कठिनाई होती है यह अनुभव से जाना है। मेरे लघु नाटकों के माध्यम से बच्चों में राष्ट्रप्रेम विभिन्न मूल्यों और भारत के इतिहास के प्रति रुचि जागे इसके लिए सभी पात्रों को शामिल किया गया है। इस पुस्तक के कुल दो भाग हैं। पहले भाग में संक्षिप्त एकोक्तियाँ और दूसरे भाग में लघु नाटक शामिल हैं जो अनुक्रमणिका में स्पष्ट किए गए हैं। बच्चे खुशी-खुशी कविताएं गाएंगे नाटक करेंगे एवम् प्रस्तुत करेंगे शिक्षक या माता-पिता अपने बच्चों में नाट्यकला के गुण को विकसित करने के उद्देश्य से इस पुस्तक का उपयोग करेंगे तो इस पुस्तक की सार्थकता मानी जाएगी।