काव्य सृजन का उद्देश्य धनार्जन प्रसिद्धि पाना शौहरत पाना बिल्कुल नहीं है। अपितु अपने ह्रदय के भावों को सभी के साथ साझा करना है। हर शब्द अनमोल है उनको लिखकर यूँ व्यर्थ ज़ाया नहीं करना चाहिए यहीं सोच और क़लम के जरिए जज़्बात लिख दिये हैं। हर रचना अपने आप में अनमोल है और हर साहित्यकार अद्भुत हैं। कवि कोई भी बन सकता है यह कोई बड़ा कार्य नहीं है। मेहनत से इंसान हर मुक़ाम हासिल कर सकता है बस जुनून होना चाहिए। कुछ कवि सृजन को अपने तक सीमित रखते हैं उनको भी काव्य मह्त्व से रूबरू कराने का मकसद है। -कृष्णा विजय