छत्रपति शिवाजी को एक साहसी चतुर व नीतिवान हिन्दू शासक के रूप में सदा याद किया जाता रहेगा। यद्यपि उनके साधन बहुत ही सीमित थे तथा उनकी समुचित ढंग से शिक्षा-दीक्षा भी नहीं हुई थी तो भी अपनी बहादुरी साहस एवं चतुरता से उन्होंने औरंगजेब जैसे शक्तिशाली मुगल सम्राट की विशाल सेना से कई बार जोरदार टक्कर ली और अपनी शक्ति को बढ़ाया। छत्रपति शिवाजी कुशल प्रशासक होने के साथ-साथ एक समाज सुधारक भी थे। उन्होंने कई लोगों का धर्म परिवर्तन कराकर उन्हें पुन हिन्दू धर्म में लाए। छत्रपति शिवाजी बहुत ही चरित्रवान व्यक्ति थे। वे महिलाओं का बहुत आदर करते थे। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वालों और निर्दोष व्यक्तियों की हत्या करने वालों को कड़ा दंड देते थे। लेखक भवान सिंह राणा ने शिवाजी के इन्हीं साहसपूर्ण जीवन-यात्रा का संक्षिप्त विवरण इस पुस्तक में प्रस्तुत किया है।