भारत वर्ष के दक्षिण पूर्वी छोर पर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण 21 वीं सदी बड़ी महत्वपूर्ण घटना है। भारत सरकार ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि उत्तराखंड एवं झारखंड राज्य का निर्माण कर संबंधित राज्यवासियों को बहुत बड़ी भेंट प्रदान की। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण अपने आप में एक बहुत बड़ी घटना है। जब सदी के प्रथम वर्ष में अंचल की जनमानस को छत्तीसगढ़ नामक पृथक राज्य की सौगात प्राप्त हुई। जिसके लिए कई वर्षों से संघर्ष कर रहे थे। परिणामस्वरूप एक नवम्बर सन् 2000 ई० को एक नया राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।आजादी के पश्चात जब भाषा के आधार पर राज्यों का निर्माण करने के लिए समिति गठित की गई। उस समय भी अंचल के नेतृत्व कर्ताओं के द्वारा मांग रखी गई थी। लेकिन उसे नजर अंदाज कर दिया गया। पृथक राज्य का निर्माण राजनीतिक स्वार्थ के चलते मूर्तरूप धारण नहीं कर सका। अंचल के संसाधनों का दोहन और उपेक्षा के चलते पृथक राज्य की मांग बुलंद होते गई। कई संगठन बनाए गए उनके द्वारा सड़क से लेकर सदन तक पृथक राज्य की मांग रखी गई। मजदूर किसान व्यापारी बुद्धिजीवी वर्ग साधारण जनता आदि सभी वर्ग ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई है।