जीवन की सच्चाइयों के प्रतिबिंब को शब्दों के माध्यम से प्रस्तुत करने का नाम कहानी है। जिस कहानी को हम पुस्तक में पढ़ते हैं उस कहानी की सच्चाई को हमारे ही आसपास कोई जी रहा होता है। किसी के दर्द को शब्दों के माध्यम से अपने अंदर महसूस करना संवेदनशील होने की निशानी है और मैं संसार के वर्ग विशेष का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं जिनके सहयोग से शब्दों का यह संसार जीवित हैं। अक्सर कहानियों में संदेश छुपे रहते हैं इस कहानी के माध्यम से मैं समाज के संवेदनशील वर्ग को यह संदेश देना चाहता हूं कि मौजूदा दौर की मतलबी दुनिया में अक्सर हद से ज्यादा शराफत और हमदर्दी आपको बेवकूफों की कतार में खड़ा कर देती है। इसलिए जरूरी है हम लोग शराफत और हमदर्दी की सीमाएं तय करें। ताकि जरूरत पड़ने पर अपनी व परिवार की सुरक्षा के लिए उन्हें तोड़ा जा सके। - फैज़ल फैज़