गीत काव्य-साहित्य की सर्वाधिक लोकप्रिय रोचक और रसमयी विधा है। प्रस्तुत कृति के सभी विविधवर्णी गेय गीत रसात्मक हैं। इन गीतों में गीतकार का अभीष्ट सामाजिक सरोकार के साथ ही पाठकों का मानसिक आह्लाद और आध्यात्मिक उत्कर्ष भी है। उपदेश की उपस्थिति उबाऊ न होकर उत्साहवर्धक है। सतही मनोरंजन से इनका दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है।