<p>चिरियापुर का रामफाल एक गाँव की मिट्टी से उठी कहानी है जिसमें भारत के ग्रामीण जीवन की खुशबू संघर्ष और सरलता का संगम दिखाई देता है। यह कहानी उस आम आदमी की है जिसका नाम है रामफाल जो एक छोटे से गाँव चिरियापुर में रहता है। उसके सपने छोटे हैं पर दिल बड़ा है।<p><p>इस किताब में लेखक ने न सिर्फ़ गाँव की ज़मीन से जुड़ी हकीकतें दिखाई हैं बल्कि उस मानवीय संवेदना को भी जीवंत किया है जो हर दिल में बसती है — उम्मीद मेहनत और अपनेपन की भावना। चिरियापुर का रामफाल पढ़ते हुए पाठक हँसते भी हैं सोचते भी हैं और कई बार अपनी ही ज़िन्दगी से उसका रिश्ता महसूस करते हैं।<p>