इधर की अर्थपूर्ण लेखन करने वाली कुछ लेखिकाओं में रजनी मोरवाल का नाम भी उभर कर आया है । रजनी मोरवाल की कहानियाँ पाठक के भीतर उनकी लेखकीय क्षमता और सरोकार को लेकर गहरी आश्वस्ति से भरती हैं । आधुनिक हिंदी के महान रचनाकार मुक्तिबोध से शब्द उधार लूं तो साहित्य को दो काम करने ही चाहिए वह हमारे संवेदनात्मक ज्ञान का विस्तार करे और हमारी ज्ञानात्मक संवेदना को समृद्ध करे तभी वह कसौटी पर खरा है । खुशी है कि कुछ अर्थों में रजनी की कहानियाँ यह दोनों काम करती हैं । विभिन्न प्रदेशों में रहने जीने के कारण लेखिका भाषा और बोली वैविध्य को भी साध सकी है । सायास नहीं अनायास ही रजनी की हर कहानी स्त्री विमर्श का भी हिस्सा बन गई है और जन सरोकार से भी जुड़ी हुई है । ----- इस संग्रह में रजनी की नयी और मानीखेज़ कहानियाँ शामिल हैं । रजनी मोरवाल नयी पीढ़ी की उन चंद लेखिकाओं में से एक हैं जिनके यहां रचना की नाव तलछट जीवन के राग विराग से आबद्ध है । इस संग्रह की कहानियाँ लेखिका के साथ साथ हिंदी कहानी की भी बेहतर तस्वीर पेश करती हैं । : धीरेन्द्र अस्थाना