यह किताब किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में अभी के समय में पढ़ने वाले छात्रों की जीवन शैली को बहुत ही बारीकी से दर्शाता है। आज के विश्वविद्यालय या कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र जिसके अंदर समझदारी विकसित हो चुकी है घर की जिम्मेदारी को भी निभाना है अपनी पढ़ाई भी पूरी करनी है। अपनी दोस्ती यारी को भी समय देने के साथ -साथ पढ़ाई में अच्छे मार्क्स भी लाना है। ज़िंदगी में अनेक उतार-चढ़ाव होने के बीच जीवन जीने का एक कोना भी खुद के ही अंदर ढूंढना है। एक छात्र के जीवन में पढ़ाई के अलावा भी कई जिम्मेदारियां होती हैं लेखक ने उन सारी बातों को अपने इस उपन्यास के माध्यम से बताने का प्रयास किया है।