हुआ यूँ कि आने वाला पेइंग गेस्ट जोशी परिवार के लिए फ़ायदे का सौदा लगता है। वह तय किराए के लिए तैयार है जब कर सके तो अपनी मदद देने को तैयार है और मिसिज़ जोशी की संस्कृति-संस्कारों में हो रहे पतन के बारे में बकबक भी मन लगाकर सुन लेता है। लेकिन वह आदमी अबूझ पहेली-सा भी है। उसके नाम के साथ कुछ और नहीं लगता। उसका कोई परिवार नहीं है न कोई मित्र ना ही कोई इतिहास और तो और भविष्य को लेकर कोई योजना भी नहीं। फिर भी भाई-बहन तनय और अनुजा उससे प्यार कर बैठते हैं। वह उनके जीवन की धारा ही पलट देता है और जब गायब होता है तो उनका दिल भी तोड़ जाता है। कोबॉल्ट ब्लू बड़ी नरमी और निर्मम स्पष्टता के साथ ही सुरुचिपूर्ण ढंग से गढ़ी और सुघड़ता से पेश की गई कहानी है जोशीली मुहब्बत और दिल को चकनाचूर कर देने वाली।''ऐसी किताब पढ़ते हुए जिसमें डूब जाएँगे और पूरी पढ़ने के बाद भी जो आपके साथ बनी रहेगी'' – डीएनए