इस कृति में कोविड-19 से सम्बन्धित आठ सच्ची घटनायें कहानी कलेवर में संग्रहीत करके दी जा रही हैं तथा साथ ही कोरोनाजनित घटनाओं तथा इससे उपजे मनोवैज्ञानिक व सामाजिक कारकों का चित्रण करती हुई सत्रह पद्यात्मक रचनाओं सहित यह पच्चीस रचनाओं का एक संग्रह है। अर्थात गद्य एवं पद्य दोनों ही विधाओं में रचित कुल मिलाकर पच्चीस रचनायें हैं। इसीलिए इसे ‘कोरोना पच्चीसी’ शीर्षक से नवाजा गया है। इस रचना का मूल उद्देश्य कला एवं साहित्य के संवर्धन के साथ ही इसके द्वारा लोकहित व जनकल्याण की कामना है रुचिकर सामग्री के साथ ही इसके द्वारा कामना की गयी है कि विश्व को इस भयानक महामारी से मुक्ति मिल सके व जगत का कल्याण हो। कविता हो या कि कहानी दोनों ही सच्ची घटनाओं पर आधारित हैं। विषय वस्तु का संकलन आत्मावलोकन परिवेश व समाचार-पत्रों के माध्यम से किया गया है। किसी व्यक्ति विशेष पर कटाक्ष या आलोचना कोई उद्देश्य नहीं। केवल लोक कल्याण व साहित्य व कला संवर्धन हेतु रचना प्रस्तुत है।