प्रेम मानव हृदय में सदैव ही परम आनंद को द्योतक रहा है। प्रेम बिन जग सुना है। लाकडाउन काल में उपजी कुछ अनौखी प्रेम कहानियां जो पाठकों को न केवल आनंद की अनुभूति करायेंगी अपितु प्रेम की सर्वव्यापकता का बोध करायेंगी। नोंक-झोंक से आरंभ होते इस प्रेम कथा उपन्यास में नायक और नायिका के परस्पर प्रेमानंदित कर देने वाले संवाद है। जो शरीर में सिरहन उत्पन्न कर देते है। प्रेमी जोड़ों को एक-दुसरे से मिलने की महत्वाकांक्षा और विरह वेदना का मनमोहक प्रस्तुतिकरण किसी की भी आंखें भिगो सकता है।