जैसे जैसे एक मैच. चाहे T-20 ओ.डी.आई या एक टैस्ट मैच हो आगे बढ़ता जाता है सट्टा बराबर लगता चलता है। सट्टा ओवरों के एक ब्रैकेट (हर 5 ओवर 10 ओवर 25 ओवर या पॉवर प्ले ओवर) में या एक पारी में स्कोर किये जाने वाले रनों पर लगातार लगाया जाता है। .. संक्षेप में स्कोरिंग पैटर्न्स और वैध व अवैध सट्टा बाज़ार में सैशंस सट्टे का अस्तित्व यह निष्कर्ष निकालने के लिये पर्याप्त हैं कि फिक्सिंग छिट पुट नहीं है यह लगातार और संस्थागत रूप से चल रही है। यह हो ही नहीं सकता कि ऐसा न हो।.. जिस फिक्सिंग का आपको शक होता रहता है क्रिकेट में उसी फिक्सिंग को निर्विवाद रूप से सिद्ध करती पुस्तक।